Monday 24 May 2010

सरकार

मेरी उम्र करीब १५ वर्ष की थी मगर मैं अब तक उधेड़बुन मे रहता था की ये सरकार आख़िर क्या बला है, मैने सरकार को कभी नही देखा था, किताबों अख़बारों मे पढ़कर दूरदर्शन पर सुनकर तंग आ गया था "सरकार ये कर रही है, सरकार वो कर रही है" आख़िर क्या है ये सरकार? कौन है? कैसी दिखती है? कहीं कोई भूत या जिन्न तो नही जो बिना दिखे ही सारे काम करती है, इन सारी बातों ने मुझे तंग कर रखा था.
आख़िरकार एक दिन मेरा नसीब जागा और मुझे सरकार के दर्शन करने का अवसर मिला, पिताजी का हाथ थामे मैं सरकार को देखने  पास के शहर पहुँचा, वहाँ सरकार एक जीप की शक्ल मे दिखी जिसमे ३-४ पुलिसवाले थे, जीप पर बड़े अक्षरों मे सरकार का नाम लिखा हुआ था "मध्य प्रदेश सरकार". सरकार को जीप के रूप मे देख कर आश्चर्य हुआ, फिर सोचा लोग कहते है सरकार सर्वशक्तिशाली है तो ज़रूर उसे बहरूपियों की तरह वेश बदलना भी आता होगा.
जीप के वेश मे सरकार तिराहे पर आकर रुकी, उसे देखते ही माहौल बदल गया, लोग सक्रिय हो गये पुलिसवालों मे भी सक्रियता आ गयी, वो उतरकर वहाँ के लोगों पे टूट पड़े लात, घूँसे, थप्पड़, लाठियाँ चलने लगी. पिताजी किसी तरह मुझे वहाँ से बचाकर घर ले आए.
मैने सरकार को पहली बार देखा था जो हुआ उसका कारण तो समझ नही आया मगर मेरे दिल में सरकार का ख़ौफ़ बैठ गया था.