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Monday, January 3, 2011

इज़्ज़त बनी रहे

मुझ पर खुदा के नूर की रहमत बनी रहे,
इतनी सी दुआ करना की इज़्ज़त बनी रहे,

रुलाता है तू मुझे ज़ख़्मों पे मेरे हंस कर,
ऐ दोस्त तेरी ऐसी ही फ़ितरत बनी रहे,

अल्फ़ाज़ निकलते है हर बार लब से सच्चे,
बेखौफ़ ता-कयामत ये नीयत बनी रहे,

मंज़िल भी हसीन होगी राहें भी दाद देंगी,
बस राह मे हमेशा एक आफ़त बनी रहे.


Wednesday, November 24, 2010

अब जो आया हूँ...

अब जो आया हूँ तो जाने को ना कहना मुझको,
गर जो रूठे हो तो मनाने को ना कहना मुझको,

मैं हूँ इंसान और इंसानियत है निशानी मेरी,
फिर ये पहचान बताने को ना कहना मुझको,

मेरी बरबादियाँ खुद कह रही हैं मेरे अफ़साने,
अब कुछ भी हो कोई दोस्त बनाने को ना कहना मुझको,

वो अधूरे ख्वाब जो आँखों मे अब आते ही नही,
उन्ही ख्वाबों को सज़ाने को ना कहना मुझको.


Wednesday, September 8, 2010

हम भी सयाने हो गए

आँखों आँखों मे शुरू दिल के फसाने हो गये,
दिल को बहलाने के ये अच्छे बहाने हो गये,

रोज़ ना मिलने का मतलब यह तो हरगिज़ ही नही,
की ये मेरे रिश्ते बेमानी और ताल्लुक बेगाने हो गये,

दुनिया की सब बातें भुला कर इश्क़ मे जीने लगा,
तो लोग कहते हैं की तुम पागल दीवाने हो गये,

जाने क्या उम्मीद सी दिल ने बनाए रक्खी है,
यूँ आप को बिछड़े हुए मुझसे जमाने हो गये,

अब ना कोई दर्द ना आँसू ना कोई आह है,
अब तो यारो इश्क़ मे हम भी सयाने हो गए.

Tuesday, July 27, 2010

अल्लाह

अल्लाह मेरी आह मे इतना असर तो भर दे,
दुनिया के दहशतगर्दों को तू खाक तो कर दे,

नफ़रतों का दौर है तेरी दुनिया मे आजकल,
इन लोगों मे ज़रा प्यार के ज़ज्बात तो भर दे,

है इंसानियत नदारद दुनिया से तेरी या रब,
इंसान को ज़रा फिर इंसान सा तो कर दे,

बेआस बेसहारा जो दर-दर भटक रहें हैं,
वो मासूम से बच्चे हैं उन्हें आसरा तो कर दे,

चैन हो अमन हो, जिस दुनिया मे हो मोहब्बत,
ऐसी भी एक दुनिया का आगाज़ तो कर दे.