Thursday 24 June 2010

डाकिया

भानु जी के नये कुत्ते के गृह प्रवेश के अवसर पर भानु जी के साथ चाय की चुस्कियाँ लेते हुए बैठा था तभी गेट के बाहर से आवाज़ आई “आपका कुत्ता काटता तो नही है?” ये डाकिया था, भानु जी का कोई खत लेकर आया था, भानु जी बोले “अंदर आ जाओ”डाकिया फिर बोला “जी मैने पूछा, ये काटता तो नही है?” भानु जी बोले “इसी बात की जाँच करनी है देने वाले ने तो ये ही कहा था की बाहरी लोगों को देखते हो टूट पड़ेगा.”
खैर डाक देकर डाकिया आगे बढ़ गया और फिर भानु जी मुझसे मुखातिब हुए-
“तुम्हे पता है भिखारी और डाकिये में इतना ही फर्क होता है कि भिखारी लेने के लिए आता है और डाकिया देने के लिए आता है. बेचारा डाकिया बेवजह कुत्तों से परेशान रहता है और कुत्ते भी शायद इसी इंतज़ार में होते है की कब डाकिया दिखे और हम अपने दाँतों की खारिश मिटा लें.
शुक्रा है खुदा का की अब उनकी वर्दी नीली हो गयी है पहले तो बेचारों को वर्दी भी पुलिस जैसी दी गयी थी जिसे देखकर कुत्ते उसे अपनी ही प्रजाति का प्राणी समझ लेते थे और झपट पड़ते थे. बंगले में रहने वालों के नाम पट के साथ कुत्तों से सावधान रहने के बोर्ड भी लगे होते हैं. अब बेचारा कुत्तों से सावधान रहने के चक्कर में रहे तो डाक नही बांट सकेगा और उसकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है। पर सावधान न रहने पर जिन्दगी खतरे में पड़ सकती है, बहुत धर्म संकट रहता है”
"मैने सुना है की कुत्ते के भोंकने पर भागना नही चाहिए आप का क्या ख्याल है?" मैने पूछा.
भानु जी मुस्कुरा कर बोले “कुत्तों के बारे में मित्र लोग दूसरों को यह सलाह देते हैं कि कुत्ते के भोंकने पर भागना नहीं चाहिए. वैसे ऐसी सलाह देने वाले लोगों को सबसे पहले भागते हुए देखा जाता है. जिस बंगले का कुत्ता काटने दौड़ता है उस बंगले के आसपास वाले दो तीन बंगलों की डाक बिना बंटी ही रह जाती है.”
मेरे ख़याल से सरकार को डाकियों की नियुक्ति के समय कुछ बातों का ख़ास ख़याल रखना चाहिए
१. डाकिये को कुत्ते के बारे मे पूरी जानकारी होनी चाहिए.
२. वह चप्पल पहने वाला नही होना चाहिये.
३. डाक बाँटते समय उसका ध्यान मलिक से ज़्यादा कुत्ते पर होना चाहिए.
४. उसे द्रुत वेग से भागना आना चाहिए.
५. उसे पेट में लगने वाले इन्जेक्शनों से डरना नही चाहिए.”

3 Response:

  1. Arpit ji bahut hi hasyaspad rachna diya hai apne , bahut hi achha laga.

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  2. aapke likhne ki shaili bahut acchhi hai. sachme padh ke barbas hi hasi aa gayi.

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